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Showing posts with the label 3. विभिन्न धर्मो का उदय

जैन धर्म

जैन धर्म जैन धर्म के संस्थापक एवं प्रथम तीर्थकर थे- ऋषभदेव। जैन धर्म के 23 वे तीर्थकर थे- पार्शवनाथ। पार्शवनाथ काशी के इक्ष्वाकु वंशीय राजा अश्वसेन के पुत्र थे। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थकर हुए। महावीर का जन्म 540 ईसापूर्व में कुंडग्राम (वैशाली) में हुआ था। महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। महावीर ने अपना उपदेश प्राकृत (अर्धमागधी) भाषा में दिया। महावीर के प्रथम अनुयायी उनके दामाद जमील बने। महावीर ने अपने शिष्यों को एक 11 गणधरों में विभाजित किया था। पहली जनसभा पाटलिपुत्र में 322 ईसापूर्व में भद्रबाहु और संभूति विजय के नेतृत्व में हुई। इस सभा के बाद जैन धर्म में दो भागों विभाजित हो गया, श्वेताम्बर एवं दिगंबर। श्वेतांबर- जो सफेद कपड़े पहनते हैं एवं दिगंबर- जो एकदम नग्नावस्था में रहते हैं। जैन धर्म के त्रिरत्न है- सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण। खजुराहो में जैन मंदिरों का निर्माण चंदेल शासकों द्वारा किया गया। मौर्योत्तर युग में मथुरा जैन धर्म का प्रसिद्ध केंद्र था। जैन तीर्थ करो की जीवनी भद्रबाहु द्वारा रचित कल्पसूत्र में वर्णित है। मथुरा कला...

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतमबुद्ध थे। इन्हें एशिया का ज्योति पुंज लाइट ऑफ एशिया कहा जाता है। गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में कपिलवस्तु के लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था। इनके पिता शुद्धोधन शाक्य के गण के मुखिया थे। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध के नाम से जाना गया वह स्थान बोधगया कहलया। बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ (ऋषिपटनम) में दिया जिससे बौद्ध ग्रंथों में धर्मचक्र प्रवर्तन कहा गया। बुद्ध ने अपने उपदेश जनसाधारण की भाषा पाली में दिए। इनके प्रमुख अनुयायी शासक थे बिंबसार, प्रसेनजीत जाति तथा उदयन। बुद्ध की मृत्यु 80 वर्ष की अवस्था में कुशीनारा तात्कालिक देवरिया उत्तर प्रदेश में चुंद द्वारा अर्पित भोजन करने के बाद हो गई जिसे बौद्ध धर्म में महापरिनिर्वाण कहा गया है। बौद्ध धर्म के बारे में हमें विशेष ज्ञान पाली त्रिपिटक से प्राप्त होता है। बौद्ध धर्म मूलतः अनीश्वरवादी है इसमें आत्मा की परिकल्पना भी नहीं है। प्रथम बौद्ध संगीति 483 ईसा पूर्व राज्यगृह में महा कश्यप की अध्यक्षता में अजातशत्रु के शासनकाल में हुआ था। द्वितीय...

शैव धर्म

शैव धर्म भगवान शिव की पूजा करने वालों को शैव एवं शिव से संबंधित धर्म को शैव धर्म कहा गया है। शिवलिंग उपासना का प्रारंभिक पुरातात्विक साक्ष्य हड़प्पा संस्कृति के अवशेषों से मिलता है। ऋग्वेद में शिव के लिए रुद्र नामक देवता का उल्लेख है। लिंग पूजा का पहला स्पष्ट वर्णन मत्स्य पुराण में मिलता है। एलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूटो ने करवाया था। चोल शासक राजराज प्रथम ने तंजौर में प्रसिद्ध राजराजेश्वर शैव मंदिर का निर्माण करवाया जिसे बृहदीश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। कुषाण शासको की मुद्राओं पर शिव एवं नंदी का एकसाथ अंकन प्राप्त होता है।

इस्लाम धर्म

इस्लाम धर्म इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद थे। हजरत मोहम्मद का जन्म 570 ई० में मक्का में हुआ था। हजरत मोहम्मद के पिता का नाम अब्दुल्ला और माता का नाम अमीना था। हजरत मोहम्मद को मक्का के पास हीरा नामक गुफा में ज्ञान की प्राप्ति हुई। पैगंबर के मक्का से मदीना की यात्रा इस्लाम जगत में मुस्लिम संवत के नाम से जाना जाता है। हजरत मोहम्मद की मृत्यु 632 ई० को हुई इन्हें मदीना में दफनाया गया। मोहम्मद की मृत्यु के बाद इस्लाम सुन्नी तथा शिया नामक दो पंथो में विभाजित हो गया। सुन्नी उन्हें कहते हैं जो सुन्ना में विश्वास करते हैं । सुन्ना पैगंबर मोहम्मद के कथनों तथा कार्यों का विवरण है। शिया अली की शिक्षाओं में विश्वास करते हैं तथा उन्हें मोहम्मद का न्याय सम्मत उत्तराधिकारी मानते हैं अली, मोहम्मद के दामाद थे। पैगंबर मोहम्मद के उत्तराधिकारी 'खलीफा' कहलाए। इस्लाम जगत में खलीफा पद 1924 ई० तक रहा 1924 ई० में उसे तुर्की के शासक मुस्तफा कमालपाशा ने समाप्त कर दिया। इब्ने इशाक में सर्वप्रथम पैगंबर साहब का जीवन चरित्र लिखा है। मोहम्मद पैगंबर के जन्मदिन पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर्व मना...

ईसाई धर्म

ईसाई धर्म ईसाई धर्म के संस्थापक हैं - ईसा मसीह। ईसाई धर्म का प्रमुख ग्रंथ है - बाइबल। ईसा मसीह का जन्म जेरूसलम के निकट बेथलेहम नामक स्थान पर हुआ। ईसा मसीह के जन्म दिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है। ईशा ने अपने जीवन के प्रथम 30 वर्ष एक बढ़ई के रूप में बदले हम के निकट नाजरेथ में बिताएं। ईसा मसीह के प्रथम दो शिष्य थे एंडयूज़ एवं पीटर। ईसा मसीह को सूली पर रोमन गवर्नर पोंटियस ने चढ़ाया।