वैदिक सभ्यता वैदिक काल का विभाजन दो भागों में किया जाता है- ऋग्वैदिक काल जो कि 1500 से 1000 ईशा पूर्व और उत्तर वैदिक काल जो कि 1000 से 600 ईसा पूर्व में किया गया है। आर्य सर्वप्रथम पंजाब एवं अफगानिस्तान में बसे। आर्यों द्वारा निर्मित सभ्यता वैदिक सभ्यता कहलायी। आर्यों की भाषा संस्कृत थी। आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ सोमरस था यह वनस्पति से बनाया जाता था। आर्यों का समाज पितृ प्रधान था। ऋग्वेद में उल्लेखित सभी नदियों में सरस्वती सबसे महत्वपूर्ण तथा पवित्र मानी जाती थी। उत्तर वैदिक काल में इंद्र के स्थान पर प्रजापति सार्वधिक प्रिय देवता हो गए थे। 'सत्यमेव जयते' मुंडकोपनिषद से लिया गया है। उपनिषद में यज्ञ की तुलना टूटी नाव से की गई है। गायत्री मंत्र सविता नामक देवता को संबोधित है, जिसका संबंध ऋग्वेद से है। उत्तर वैदिक काल में कौशांबी नगर में प्रथम बार पक्की ईंटों का प्रयोग किया गया है। महाकाव्य दो है- महाभारत एवं रामायण। महाभारत का पुराना नाम जयसंहिता है। यह विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है। सिंधु सभ्यता सिंधु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की। सिंधु स...